दुग्ध सहकारी आंदोलन का समाज के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राजस्थान में जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) ने “सरस” ब्रांड के माध्यम से इस आंदोलन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हम निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं और अपनी पिछली उपलब्धियों के मानदंडों को निरंतर पीछे छोड़ते हुए नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं।
यदि हम अतीत की ओर देखें, तो जयपुर डेयरी ने प्रतिदिन मात्र 250 लीटर दूध के संकलन से अपनी यात्रा प्रारंभ की थी, जो आज बढ़कर लगभग 15 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है। वर्षों के दौरान दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या एवं उनके सदस्यों में निरंतर वृद्धि हुई है। विपणन के क्षेत्र में भी घी, मक्खन, पनीर, दही एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ी है तथा इनकी बिक्री में वर्ष-दर-वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
जयपुर डेयरी ने सदैव अपने दुग्ध उत्पादकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हम अपने दुग्ध उत्पादकों को प्रतिस्पर्धी संस्थाओं की तुलना में बेहतर दुग्ध खरीद मूल्य उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे हैं, ताकि दुग्ध उत्पादन उनके लिए लाभकारी एवं आर्थिक रूप से सुदृढ़ व्यवसाय बन सके। हमारा लक्ष्य राजस्थान को देश में दुग्ध संकलन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि दुग्ध उत्पादकों के सामूहिक प्रयास, हमारे समर्पित कर्मचारियों की मेहनत तथा संचालक मंडल के कुशल नेतृत्व से यह लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकता है।
जयपुर डेयरी ने दुग्ध सहकारी क्षेत्र में अनेक अभिनव एवं अग्रणी पहलें की हैं और कई ऐसे कदम उठाए हैं, जो सहकारिता के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करते हैं। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में Zero Liquid Discharge (ZLD) Plant की स्थापना हमारी ऐसी ही ऐतिहासिक पहल है। जयपुर डेयरी देश के सहकारी दुग्ध उद्योग में इस प्रकार की व्यवस्था लागू करने वाली अग्रणी डेयरियों में रही है। इस प्रणाली के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 6.5 से 7 लाख लीटर जल का उपचार कर उसका पुनः उपयोग किया जा रहा है, जिससे संयंत्र के बॉयलर एवं रेफ्रिजरेशन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में ताजे जल की आवश्यकता कम हुई है। यह पहल जल संरक्षण, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत औद्योगिक विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इसी प्रकार, दुग्ध उत्पादकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में “सरस मयारा योजना” जयपुर डेयरी की एक अभिनव एवं दूरदर्शी पहल रही है। इस योजना के अंतर्गत हमारे पंजीकृत दुग्ध उत्पादकों की बेटियों के विवाह के अवसर पर जयपुर डेयरी द्वारा ₹21,000 की मयारा राशि प्रदान की जाती है। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने दुग्ध उत्पादकों और उनके परिवारों के प्रति संस्था की सामाजिक प्रतिबद्धता एवं आत्मीयता का प्रतीक है। सहकारिता की भावना को परिवार और समाज के स्तर तक पहुंचाने वाली यह योजना दुग्ध उत्पादकों के जीवन में विश्वास और सम्मान का भाव मजबूत करती है।
हमारी अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला यह सुनिश्चित करती है कि हमारे उपभोक्ताओं तक शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दूध और दुग्ध उत्पाद पहुंचें। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनके विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्ता नियंत्रण की हमारी व्यवस्था निरंतर सुदृढ़ की जा रही है।
दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जा रहा है। हम अपने दुग्ध उत्पादकों के पशुधन के स्वास्थ्य एवं उत्पादकता में सुधार के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं। इसके अंतर्गत पौष्टिक पशु आहार, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाएं, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु प्राथमिक उपचार दवा किट तथा अन्य विभिन्न लाभकारी योजनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हम अपने उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम इस बात के प्रति सदैव सजग हैं कि हमारे उपभोक्ताओं ने “सरस” पर जो विश्वास कायम किया है, वह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे ग्राहक हमारे मार्गदर्शक रहे हैं। उनके सुझाव एवं प्रतिक्रियाएं हमारे उत्पादों को और अधिक बेहतर, गुणवत्तापूर्ण, स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हमारे लिए हमारे उपभोक्ताओं का प्रत्येक सुझाव अत्यंत मूल्यवान है।
हमारे कर्मचारी जयपुर डेयरी की सबसे बड़ी शक्ति हैं। हमारी पूरी टीम ने प्रत्येक चुनौती का दृढ़ता और समर्पण के साथ सामना किया है। उन्होंने संस्था के विचारों, योजनाओं एवं लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया है। मैं उनकी प्रतिबद्धता, परिश्रम एवं समर्पण के लिए उनका हार्दिक अभिनंदन करता हूं और विश्वास करता हूं कि उनकी मेहनत जयपुर डेयरी को भविष्य में और भी अधिक ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
आज जयपुर डेयरी केवल दूध और दुग्ध उत्पादों का उत्पादन एवं विपणन करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह सहकारिता, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और दुग्ध उत्पादक सशक्तीकरण का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। यह उपलब्धि केवल जयपुर डेयरी की नहीं, बल्कि हमारे लाखों दुग्ध उत्पादकों, सहकारी समितियों, कर्मचारियों, उपभोक्ताओं और संचालक मंडल के सामूहिक विश्वास एवं परिश्रम का परिणाम है।
आने वाले समय में भी हमारा संकल्प है कि हम “सरस” को गुणवत्ता, विश्वास और सहकारिता का और अधिक मजबूत प्रतीक बनाएं तथा राजस्थान के दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में अपनी भूमिका को और व्यापक करें।
जय सहकार!
ओमप्रकाश पूनिया

